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कैटरीना कैफ की Biography हिंदी में

 कैटरीना कैफ़ भी ऐसी कुछ एक Bollywood actress’s में शामिल है जिनको फिल्म इंडस्ट्री में सबसे अधिक वेतन मिलता है. हालाँकि कैटरीना कैफ के शुरूआती दौर की बात करें तो यह ठीक वैसे ही है जैसे कि किसी भी न्यूकमर के लिए होता है और जाहिर सी बात है सफलता अगर इतनी आसानी से मिलती तो उसके लिए बाद में होने वाली ख़ुशी और मुकाम किसी के लिए इतना मायने क्यूँ रखता यही वजह है कि अपनी पहली हिंदी फिल्म करने के बाद कैटरीना या किसी को भी ऐसा नहीं लगा होगा कि यह लड़की इतनी आगे भी जाएगी कि एक दिन सबसे अधिक वेतन पाने वाली अभिनेत्री और सफल अभिनेत्री के तौर पर खुद को स्थापित कर लेगी . 

प्रारंभिक जीवन :

16 July 1983 में हांगकांग में जन्म लेने वाली कैटरीना कैफ का नाम है Katrina Turquotte और यह नाम इनके माँ के surname की वजह से है और इनके माता पिता के बारे में बात करें तो इनके पिता मोहम्मद कैफ मूल रूप से कश्मीरी है और इनकी मात्र सुजेन जो कि ब्रिटेन की एक वकील और सामाजिक कार्यकर्त्ता थी. कैटरीना के अनुसार इनकी माता और पिता का तलाक जब ये बहुत छोटी थी तभी हो गया था और माँ ही हम सात भाई बहनों की परवरिश की थी .

        जब ये भारत नहीं आई थी तब अपने माँ के ही surname का इस्तेमाल किया करती थी लेकिन जब भारत आई तो इन्होने आपने नाम को बदलकर Katrina Kaif कर लिया क्योंकि एक तो भारत में पिता के नाम को अपनाने का चलन है. कैटरीना के परिवार में उनके अलावा तीन बड़ी बहन (स्टेफ़नी, क्रिस्टीन और नताशा), तीन छोटी बहन (मेलिस्सा, सोनिया और इसाबेल) और एक बड़ा भाई जिसका नाम माइकल है।

        कैटरीना की माँ सामाजिक कल्याण संस्थानों से जुड़ी हुई थीं जिसके कारण उन्हें कई देशों में जाना पड़ता था। कैटरीना के जन्म के बाद, उनका परिवार कुछ दिन चीन में रहा फिर जापान में। वहाँ से फ्रांस जब वो आठ साल की थी, फिर वो कुछ-कुछ महीनों के लिये कभी स्विट्जरलैंड तो कभी पोलैंड तो कभी बेल्जियम और अन्य यूरोपीय देश में रहे। बाद में वो अपने परिवार के साथ हवाई में रहीं जहाँ उनका पालन पोषण हुआ और अंत में अपनी माँ के स्वदेश इंग्लैंड। वहाँ पर ३ साल रहने के बाद वो भारत आ गईं और अपना कुल नाम अपने पापा का कर लिया.

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        एक सफल मॉडलिंग कैरियर के बाद, 2003 में कैटरीना ने व्यावसायिक रूप से असफल फ़िल्म बूम में एक भूमिका के साथ अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। फलस्वरूप वह एक तेलुगू हिट फिल्म, रोमांटिक कॉमेडी मल्लीस्वारी में दिखाई दी। कैफ ने बाद में रोमांटिक कॉमेडी मैंने प्यार क्यूँ किया और नमस्ते लंदन के साथ बॉलीवुड में व्यावसायिक सफलता अर्जित की, जिनमें से बाद वाली के लिये उनके अभिनय की प्रशंसा हुई। इसके बाद उनकी कुछ और सफल फ़िल्में आईं जैसे पार्टनर, वेलकम, सिंह इज़ किंग।

        2009 में आई फ़िल्म न्यू यॉर्क जिसके लिये उन्हें फिल्मफेयर में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार का नामांकन मिला, ने उनके करियर को नया मोड़ दिया। वह बाद में राजनीति, ज़िंदगी न मिलेगी दोबारा, मेरे ब्रदर की दुल्हन और एक था टाइगर जैसी हिट फिल्मों में और अधिक प्रमुख भूमिकाओं में दिखीं। वो धूम 3 में संक्षिप्त भूमिका में दिखीं जिसने भारतीय फ़िल्मों में सबसे ज़्यादा कमाई की थी। अपने अभिनय कौशल के लिए समीक्षकों से मिश्रित समीक्षाएँ प्राप्त करने के बावजूद, उन्होनें अपने आप को हिंदी फिल्मों में व्यावसायिक रूप से एक सफल अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया है।

        सलमान खान से कैटरीना की दोस्ती हुई। कैटरीना का अभिनय की ओर झुकाव नहीं था, लेकिन सलमान ने उन्हें प्रेरित किया। सलमान के प्रयासों से ही ‘मैंने प्यार क्यों किया’ कैटरीना को मिली। रामगोपाल वर्मा की ‘सरकार’ में भी उन्हें छोटा-सा रोल मिला। 2005 में प्रदर्शित हुई इन दोनों फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर अच्छी सफलता मिली और फिल्मकारों का ध्यान कैटरीना की तरफ गया। कैटरीना को युवाओं और बच्चों में लोकप्रियता मिली और चढ़ते सूरज को बॉलीवुड में सलाम किया जाता है।

        कैटरीना को सीमित क्षमताओं के बावजूद कुछ फिल्में मिलीं। ‘नमस्ते लंदन’ (2007) ने कैटरीना के करियर में निर्णायक भूमिका निभाई और इसकी सफलता का खासा लाभ उन्हें मिला। इसके बाद तो कैटरीना ने अपने (2007), पार्टनर (2007), वेलकम (2007), रेस (2008), सिंह इज़ किंग (2008), अजब प्रेम की गजब कहानी (2009), दे दना दन (2009), राजनीति (2010) जैसी सफल फिल्मों की झड़ी लगाकर बॉलीवुड की अन्य नायिकाओं की नींद उड़ा दी।

        इन फिल्मों के जरिये उन्हें डेविड धवन, अनिल शर्मा, अब्बास-मस्तान, राजकुमार संतोषी, प्रियदर्शन, प्रकाश झा और अनीस बज्मी जैसे निर्देशकों के साथ काम करने का अवसर मिला, जिन्हें कमर्शियल फिल्म बनाने में महारथ हासिल है। कैटरीना को लकी एक्ट्रेस कहा जाने लगा और फिल्मों में उनकी उपस्थिति सफलता की गारंटी मानी जाने लगी।

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        कैटरीना को बॉक्स ऑफिस की क्वीन कहा जाने लगा और आज उनके नाम पर आरंभिक भीड़ जुटती है। कैटरीना को सफलता सिर्फ भाग्य के बल पर ही नहीं मिली। उन्होंने इसके लिए कठोर परिश्रम किया। अ‍पनी अभिनय क्षमता को निखारा और फिल्म-दर-फिल्म उनका अभिनय बेहतर होता गया। सेट पर कोई नखरे नहीं दिखाए और जैसा निर्देशक ने बताया वैसा उन्होंने किया।

        कैटरीना कैफ़ बहुत ही शांत स्वाभाव की है फिर भी मीडीया मे हमेशा गोशिप का विषय रहती हैं। हालाँकि कैफ के शुरूआती दौर की बात करें तो यह ठीक वैसे ही है जैसे कि बॉलीवुड मे किसी न्यूकमर के लिए होता है। कैटरीना को सफलता सिर्फ भाग्य के बल पर ही नहीं मिली। उन्होंने इसके लिए बहुत मेहनत किया। अ‍पनी अभिनय क्षमता को निखारा और फिल्म-दर-फिल्म उनका अभिनय बेहतर होता गया। सेट पर कोई नखरे नहीं दिखाए और जैसा निर्देशक ने बताया वैसा उन्होंने किया।

        कैटरीना इस बात से भी अच्छी तरह परिचित हैं कि उन्हें हिंदी फिल्मों में काम करना है तो हिन्दी भाषा को सीखना होगा वरना वे चेहरे पर हाव-भाव कैसे ला पाएँगी। उन्होंने हिंदी सीखी और अब वे हिंदी अच्‍छी तरह समझ और बोल लेती हैं। रियल लाइफ मे कैटरीना हर धर्म पे आस्था रखती है। यही वजह है की उनकी हर फिल्म आने के पहले सिद्धिविनायक मंदिर, माउंट मर्री चर्च और अजमेर शरीफ दरगाह जाती है।

        कैटरीना की निजी जिन्दगी हमेशा मीडिया के लिए एक गॉसिप का विषय रही है लेकिन फिर भी कैटरीना मानती है कि उनकी निजी जिन्दगी जो है वो शादी से पहले ऐसी है कि मैं उसकी गरिमा बनाये रखना चाहती हूँ और इसी वजह से मैं अपनी निजी जिन्दगी को अपने काम से अलग देखती हूँ। कैटरीना का नाम सलमान के साथ भी जोड़ा गया था और इस बारे में कैटरीना  द्वारा 2010 में सलमान से ब्रेकअप हो जाने के बाद खुलकर कहा गया कि यह उनका पहला सीरियस अफेयर था।

        लेकिन इसके बाद भी सलमान और वो काफी अच्छे दोस्त है यह कैटरीना की तरह से कहा गया और सलमान के बारे में वो इस तरह से अपनी राय को रखती है कि “ वो हमेशा मेरे अच्छे दोस्त और गाइड की तरह रहे है और मेरे कैरियर में उनका अहम् योगदान है और उनकी हर सलाह मेरे लिए बहुत मायने रखती है और उनका मेरी जिन्दगी के ऊपर बहुत गहरा प्रभाव है।” कैटरीना कैफ का भारत में खुद का कोई घर नहीं है क्योंकि उन्होंने लन्दन में अपने लिए प्रोपर्टी बनाई है और साथ ही वो अपने परिवार के साथ बेहद जुड़ाव रखती है.

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फ़िल्मे :

  बूम, मल्लीस्वारी, मैंने प्यार क्यूँ किया, अल्लरी पिदुगू, बलराम बनाम तारादास, सरकार,हमको दीवाना कर गये, नमस्ते लंदन, पार्टनर, वैलकम, अपने, रेस, सिंह इज़ किंग, हैलो, युवराज, न्यू यॉर्क, ब्लू, जब प्रेम की ग़ज़ब कहानी, दे दना दन, राजनीति, तीसमार खां, ज़िंदगी न मिलेगी दोबारा, बॉडीगार्ड, मेरे ब्रदर की दुल्हन, अग्निपथ, एक था टाइगर,जब तक है जान,मैं कृष्णा हूँ, बॉम्बे टॉकीज़, धूम 3, बैंग बैंग, फैंटम, फितूर, जग्गा जासूस.

रोचक तथ्य :

कटरीना को भारत की बार्बी गर्ल भी कहा जाता है| उनका जन्म तुरकोट्टे में हुआ है| उनके पिता कश्मीरी भारतीय है. उनकी दो बहनों की 2013 में ही शादी हो गयी थी| उनका जन्म हॉन्ग कॉन्ग में हुआ है| कटरीना की माता सामजिक कार्य करती थी जिसके कारण उन्हें अपने परिवार के साथ हर तिन वर्षो में देश बदलना पड़ता था| कटरीना को सदा ताज़ा और सेहतमंद खाना पसंद है जैसे की दही और चावल. साडे तिन वर्षो तक वे दिन ने 16 घंटो से अधिक काम करती थी| कटरीना खुद टैक्सी लेकर विज्ञापन एजेंसियों के पास जाकर अपनी फ़ाइल् खुद देती थी| वे कई बार ऑडिशन (Audition) देने स्टूडियो में जाती थी, वहा पर वो अपना नाम और नंबर लिखा हुआ बैनर पकड कर खड़ी रहती थी| नका मानना था की मॉडलिंग ही एक जरिया है जिससे वह प्रसिद्ध हो सकती है| कटरीना की फिल्म नमस्ते लंदन उनके लिए बहुत अच्छी फिल्म थी जिसके बादके कभी उन्होंने पीछे मुड कर नही देखा| कटरीना जब छोटी थी तभी से मॉडलिंग कर रही है, कटरीना किस्मत से मुंबई पहली बार मॉडलिंग करने के लिये आई थी| कटरीना की पहली फिल्म बूम लोगो को पसंद नही आई थी और फिर तेलगु की दो फिल्म मल्लीस्वारी और पिदुगु को भी इतना आकर्षण नही मिला था| कटरीना उनकी हर फिल्म आने के पहले सिद्धिविनायक मंदिर, माउंट मर्री चर्च और अजमेर शरीफ दरगाह जाती है| कटरीना को अँधेरे और कीड़ो से बहुत डर लगता है |

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